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हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है- रविन्द्र नाथ टैगोर

 

महावीर जयंती पर

 जैन धर्म के २४वें तिर्थंकार महावीर स्वामी कि जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं धर्म सबसे उत्तम मंगल है। अहिंसा, संयम और तप ही धर्म है। महावीरजी कहते हैं जो धर्मात्मा है, जिसके मन में सदा धर्म रहता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं। भगवान महावीर ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह, क्षमा पर सबसे अधिक जोर दिया। त्याग और संयम, प्रेम और करुणा, शील और सदाचार ही उनके प्रवचनों का सार था

रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि

 रामधारी सिंह दिनकर के पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित है कविता "शब्दों के सुरज" के माध्यम से शब्दों का सुरज है धरा में छिपी हुयी सुरज की वो किरणे थी नभ नाभी तक जिनकी आने वाली रश्मे थी । है सुनहली आखो में उसका तो बस रंग यही ना छिपी रही है वो बादल के आ जाने से । नभ चेतना बह चली वही से जिसका बस अपमान हुआ सुरज के आ जाने से दिनकर का पथ ना आसान हुआ । है भभकती ज्वालाओ से आजादी का आविर्भाव हुआ उसी धरा में छिपा हुआ दिनकर भी साक्षात हुआ । था समय वो आग सा जलती सारी जनता थी किसी में भुख और किसी में प्यास भारी थी रंग कई ये वेश कई थे लोगों में रोष बड़े थे नही चेतना उसमें डालो कि क्रुरता का अंत हुआ था हिन्दी के लिये भारत का एक सपूत दिनकर खड़ा हुआ था । राज्यसभा के कोने से जीवन के एक उजाले से जिसने हुंकार भरी कविता वो अपमान भरी काले धन पर रोष किया दिनकर ने राजनिति पर प्रहार किया । है जोड़ता संवादो में कि जनता का यो राम बना है जलती ज्वालाओ की शब्दो का वो तिर यहा । समाजवाद के भूख में नेताओं से वसीभुत पथ लोकत्रेत के खातिर अब जिसने शब...

रामनवमी उत्सव पर विशेष

राम नवमी तिथि पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं  राम को अपनाने कि कोशिश करे क्योंकि राम नाश करते हैं इन दस अवगुणों का , उनकी मूर्ति पूजन कि विशेष जरूरत नहीं है क्योंकि राम स्वयं पूजनीय है अपने कर्मों आप की जरूरत नहीं है पूजनीय करने को।  राम को अपनाये राम एक है- राम एक स्वभाव है अपनों के लिए राम एक विश्वास है स्वयं के लिए राम एक नाम है दूसरों के लिए राम एक अध्या य है अयोध्या के लि ए राम एक पूत्र है पिता के लिए राम एक भाई हैं अपनों के लिए राम एक पर्याय है पत्नी के लिए राम एक दुलार हैं माता के लिए राम एक मर्यादा है पुरूषों के लिए राम एक संस्कार है दुनिया के लिए राम एक त्याग है धन के लिए राम एक संस्कृति है अपनाने के लिए राम एक भगवान है भक्तों के लिए राम एक आज्ञा है गुरुओ के लिए राम एक छलक हैं आदर के लिए राम एक राज है त्याग के लिए राम एक प्रिय है जनमानस के लिए राम एक दृश्य है इतिहास के लिए राम एक जन्म है परोपकार के लिए राम एक शत्रु है हर रावण के लिए राम एक बलिदान है व्यवहार के लिए राम एक मित्र हैं दूसरों के लिए राम एक उपकार है जीवन के ल...

खतरनाक है खोपड़ी

 खतरनाक है खोपड़ी निज हाफ कर जब खग बोला ऐसा पीड़ा से जब वह बोला मन मेरा व्यथित हो गया  जब रावण का मुख दस बोला । कहा मेघ को, वाणी से मत खेल यहाँ पर रण का कर चल दे दुगाँ तुक्षको सर्वस्व बस काट के सिर उस नर का दे । अटल विचल कि लालसा मे कुच नही करता फिर क्यों कत्तर्व्यो के बोक्ष तले वो गिरा धरा पर शिख बन । टुटे तन की अभिलाषा सा  मन को अब विचलित न कर ऐ मेघदुत तु अब क्यो  रण से ऐसे कुंठित होय । खतरनाक है खोपड़ी के कुछ अंश प्रकाशित किया गया है